या पुस्तकाविषयी
About this book
एक टुकड़ा आसमाँका चाहिये
मुझ को मेरा, अपना हिस्सा चाहिये
एक दिल है और लाखों ख़्वाहिशें
क्या बताऊं, मुझको क्या क्या चाहियें
कुछ नज़ाकत वक़्त की भी देख कर
बीती बातों को भुलाना चाहिये
प्यार क्या है, ये समझने के लिये
दिल किसी पर पहले आना चाहिये
क्या करू दुनिया की दौलत माँग कर
दिल को बस तेरा सहारा चाहिये
पुस्तकाची छायाचित्रे
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अभिप्राय आणि मानांकन
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